पुरानी खबर,
लालू के कथित जंगल राज में लड़कियां रात आठ बजे के बाद घरों से बाहर नहीं निकल पाती थीं.
नई खबर-
१. नीतीश के सुशासन में भरी दुपहर लड़की सड़क पर नंगी कर दी जाती है.
२. रात में अकेली लड़की के साथ पटना में सामूहिक बलात्कार हो जाता है.
३. अपने भाई के साथ पटना आई लड़की की बलात्कार के बाद हत्या कर दी जाती है.
अब ब्रेकिंग न्यूज़-
बिहार के पत्रकारों को ये खबरें नहीं दिखती. अख़बारों में अन्दर के पन्नो पर कही चिपका दी जाती हैं ऐसी खबरें.
एक प्रतिक्रिया भी (कथादेश के ताज़ा अंक से) -
सुशासन का डंका पीटा जा रहा है, पर वास्तविक स्थिति लालू युग से तनिक भी इतर नहीं है....मीडिया तो अभी केवल सुशासन बेच रहा है. यकीन मानिये, अगर अभी बिहार की किसी पत्रकार का सरेआम बलात्कार भी हो जाये, तो मीडिया उसमे ईश्वर कृपा ढूंढ लेगा. पर सरकार या प्रशःसन को दोष हरगिज ना देगा.




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