देश के सर्वोच्च अख़बारों में से एक दैनिक भाष्कर के वेब संस्करण ने पत्रकारिता के सारे मापदंडों से ऊपर उठते हुए शानदार पत्रकारिता का नमूना पेश किया है. भारत के पूर्व उप प्रधान मंत्री का राम मंदिर यात्रा वाकई देश के लिए एक यातना ही था, जैसे जैसे आडवानी जी आगे बढ़ते गए यातनाओं का सिलसिला भी बढ़ता गया. आडवानी जी के नए यातना पर भाष्कर कि खबर के लिए मुबारकबाद.





1 टिप्पणियाँ: on "दैनिक भास्कर का कमाल, आडवानी यात्रा नही यातना निकालते हैं."
nice
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